माता-पिता और गुरुओं का करना चाहिए सम्मान

  |   Neemuchnews

मंदसौर. बुधवार को आचार्य राजेन्द्र सूरि शिक्षा महाविद्यालय में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनिमय 2015 एवं नालसा तथा सालसा द्वारा संचालित योजनाओं संबंधी विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय कार्ययोजना के दिशा निर्देशानुसार, प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनीष कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में शिविर आयोजित किया गया। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता ही हमारे प्रथम गुरु होते हैं। वे ही हमें सर्वप्रथम इस बात से अवगत कराते हैं कि क्या गलत है और क्या सही है। इस तरह माता-पिता से ही सर्वप्रथम हमें कानून की जानकारी होती है, इसलिए हमें सदैव माता-पिता, गुरुओं का सम्मान करना चाहिए। कानून का पालन करते हुए अपना जीवन यापन करना चाहिए। अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रईस खान ने कहा कि छात्रों को सतत् आगे बढ़ते रहने हेतु प्रयास करना चाहिए। हमेशा एक बड़ा लक्ष्य तय करके ही कार्य किया जाना चाहिए। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश एन.एस. बघेल ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2015 के प्रावधानों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। विद्यार्थियों को गुड टच-बेड टच के बारे में जानकारी दी। सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। इसका उपयोग नहीं करने की भी सलाह दी। विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी योगेश बंसल, विद्यालय संचालक आदित्य सुराना, महाविद्यालय प्राचार्य भावना उपाध्याय आदि उपस्थित थे। संचालन हेमेंद्र जैन एवं मयंकसिंह चौहान ने किया। आभार प्राचार्य डा. हितेंद्रसिंह चुंडावत ने माना।

फोटो - http://v.duta.us/k_-8BgAA

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/YR2rbgAA

📲 Get Neemuch News on Whatsapp 💬