सीओपीडी के घेरे में सेहत, ओपीडी में बढ़ी रोगियों की तादाद...उदयपुर जिले के बुरे हाल

  |   Udaipurnews

उदयपुर. बरसात की विदाई और सर्द मौसम के आगमन यानी मौसम का ये संक्रमण लोगों में सीओपीडी और अस्थमा की शिकायतों को बढ़ा रहा है। आमतौर पर महाराणा भूपाल हॉस्पिटल, बड़ी हॉस्पिटल और हाथीपोल क्लीनिक को मिलाकर दैनिक करीब 300 के समीप मरीज टीबी के उपचार के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

क्या है सीओपीडी

क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज को सामान्य भाषा में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या फेफड़े की बीमारी भी कहते हैं। यह एंफ ीसीमा और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस दो तरह की होती है। धूम्रपान इसकी प्रमुख वजह है, जिससे फेफड़े प्रभावित होते हैं। शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले वायु तंत्रों में गड़बड़ी से सांस लेना मुश्किल होने लगता है। इसके लक्षण अस्थमा और ब्रोंकाइटिस से मिलते-जुलते हैं। यह क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस है, जिसमें शारीरिक ऊर्जा कम हो जाती है। कुछ कदम चलकर ही थकान हो जाती है। सांस नली में सूजन से ऑक्सीजन आपूर्ति घट जाती है। चूल्हा और औद्योगिक प्रदूषण इसकी वजह है।...

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