नारी रक्षा के लिए दिए प्राण...अब तीन करोड़ में बन रहा पैनोरमा

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सीकर. 532 बरस पहले! एक निर्भय और वीर नाम! नारी के सम्मान के लिए जान देने वाले! राव शेखा जी! 532 साल पहले जीण माता के पास घाटवा में गोड राजपूतों से लड़ते हुए रलावता में वीरगति को प्राप्त हुए थे। महाराव शेखा जी की अदम साहस धार्मिक सौहार्द तथा नारी रक्षा व गौ रक्षा के लिए समर्पित! राजस्थान राज्य धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण द्वारा तीन करोड़ 11 लाख की राशि से अमरसर के शेखा गढ़ में महाराव शेखाजी पैनोरमा का निर्माण करवाया जा रहा है। महाराव शेखा जन्म स्थली अमरसर में महाराव शेखा जी की 9 फुट की कांस्य की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जो अभी निर्माणाधीन है। शेखा जी के पिताजी मोकल जी के निधन के बाद आमेर राज्य से नायन बरवाड़ा 12 गांवों की जागीर मिलने के बाद शेखा जी नायन गांव में पीर बुरहान के दर्शन कर लौट रहे थे। इस दौरान उन्होंने पन्नी पठान से संधि कर मित्रता कायम की और शेखा जी ने अपने राज्य में बने पठानों के कबीले को जागीर देकर बसाया। जिन गांवों में आज भी करनी पठानों के वंशज बसे हैं।...

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