बस्तर दशहरा / 55 गांव के 2 हजार से अधिक लोगों ने देर रात चोरी किया 8 पहियों वाला दो मंजिला रथ

  |   Bastarnews

जगदलपुर. बस्तर दशहरा की सबसे महत्वपूर्ण रस्म भीतर रैनी विधान को मंगलवार देर रात पूरा किया गया। इस विधान के लिए किलेपाल, गड़िया और करेकोट सहित 50 से अधिक गांवों के 2 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। उन्होंने आधी रात राजमहल परिसर के मुख्य द्वार के सामने से 8 चक्कों के विशाल लकड़ी के रथ की चोरी कर लिया। यहां से रथ चोरी कर सीधे कुम्हड़ाकोट के जंगलों तक ले गए। अब बुधवार को राज परिवार के सदस्य ग्रामीणों को रथ लौटाने के लिए मनाएंगे।

रथ चोरी कर ले जाने के दौरान रास्तेभर उनके साथ आंगादेव सहित सैकड़ों देवी-देवता भी साथ रहे। फूल रथ की परिक्रमा के दो दिनों के विराम के बाद भीतर रैनी (विजय दशमी) को 8 चक्के वाले दोमंजिला लकड़ी रथ की परिक्रमा दंतेश्वरी मंदिर, सिरासार, जयस्तंभ, गुरुनानक चौक से दंतेश्वरी मंदिर तक पूरी की गई। रथ का परिचालन किलेपाल परगना के माड़िया आदिवासियों ने किया। इससे पहले सोमवार की रात को मावली परघाव की रस्म पूरी की गई है।...

फोटो - http://v.duta.us/lqR8PAAA

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/mqhRZAAA

📲 Get Bastarnews on Whatsapp 💬