बस्तर में श्रीराम द्वारा स्थापित इस शिवलिंग का जमीन में अबतक नहीं मिला अंत, बढ़ती जा रही लंबाई, 50 सालों से चल रहा शोध

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जगदलपुर. जगदलपुर से 10 किमी दूर ग्राम रामपाल में रामायण काल की शिवलिंग स्थापित है। बताया जाता है कि प्रभु श्रीराम वनवास के दौरान यहां पर लिंगेश्वर शिवलिंग की स्थापना की थी। इसकी पुष्टी दिल्ली के श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान के विशेषज्ञों ने की है। यह शोध संस्थान ५० सालों से श्री राम के वनवास पर शोध कर रहे हैं। इसी शोध में यह जानकारी मिली है।

धीरे-धीरे शिवलिंग की लंबाई बढ़ रही है

पंचायत करनपुर के आश्रित ग्राम रामपाल में करीब ३८ धाकड़ ठाकुर के परिवार रहता है। पूरा गांव राम और शिव भगवान की पूजा करता है। यहां स्थित लिंगेश्वर शिव मंदिर कई कविदंतियों, मान्यताओं और दंतकथाओं से जुड़ा हुआ है। यहां के पूजारी अर्जुन सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके पुर्वज करीब डेढ़ सौ साल से इस लिंगेश्वर शिव की पूजा करते आ रहे हैं। कैलाश सिंह ठाकुर ने बताया कि खुदाई के दौरान यह शिवलिंग प्राप्त हुई है। जमीन के अंदर खुदाई कराने से शिवलिंग का अंत नहीं मिला। खोदाई के दौरान जमीन के अंदर ऊपरी सतह की अपेक्षा शिवलिंग की मोटाई अधिक पाई गई। आज तक इस शिवलिंग का कोई अंत नही मिला है। मनेर सिंह ठाकुर ने बताया कि बचपन में शिवलिंग का ऊपरी सतह में कुछ गड्ढें थे, जो अब भर गए है। वहीं धीरे-धीरे शिवलिंग की लंबाई भी बढ़ रही है।...

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