भगवान राम के एक तीर से धराशायी हुआ रावण, धू-धूकर जल उठा

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कोटद्वार/कलालघाटी। मंगलवार को दशहरा पर्व के मौके पर ग्रास्टनगंज के मैदान में जैसे ही भगवान राम ने लंकापति रावण की नाभि पर तीर चलाया, वैसे ही रावण धराशायी हो गया। धराशायी होते ही रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा।

मंगलवार देर शाम कोटद्वार के ग्रास्टनगंज स्थित दशहरा ग्राउंड में मालवीय उद्यान रामलीला कमेटी और आमपड़ाव की गढ़श्री रामलीला की ओर से दशहरा मेले में दो मंचों में रामलीला का मंचन किया गया। इसमें राम-रावण युद्ध में रावण के सभी महारथी मारे गए। अंत में राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध होता है। जब रावण नहीं मर पाया, तब विभीषण ने राम को रावण की नाभि में अमृत होने की बात बताई। राम ने एक तीर रावण की नाभि में मारा, जिससे रावण धराशायी हो गया। रावण की मृत्यु के बाद उसके 55 फीट और 45 फीट ऊंचे पुतलों को आग के हवाले कर दिया गया।...

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