मुंगेर में मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा में लग जाते हैं 20 घंटे, जानें क्या है वजह

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मुंगेर. शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों की पूजा के बाद देवी की प्रतिमा को विसर्जित (Immersion) करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अलग-अलग जगहों पर विसर्जन की अपनी परंपराएं (Traditions) और विभिन्न मान्यताएं (beliefs) हैं. बिहार के मुंगेर में बड़ी दुर्गा मां का विसर्जन का भी अलग ही महत्व है. यहां बड़ी मां (मां दुर्गा) 32 कहारों के कंधे पर सवार होकर विसर्जन के लिए मंदिर से निकलती हैं.

श्रद्धालुओं को बीच कंधा देने की होड़

शहर में बड़ी मां के प्रति भक्तों में इतनी अगाध श्रद्धा है कि श्रद्धालुओं के बीच मां को कंधा देने की होड़ लगी रहती है. जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा मां की आरती उतारकर फूल अर्पित किए जाते हैं. इस कारण बड़ी मां को दो किलोमीटर की विसर्जन यात्रा करने में लगभग 20 घंटे से भी अधिक समय लग जाता है....

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