यहां बिन पानी के ही जर्जर हो रहा जीएलआर

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रानीवाड़ा. नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछा दी गई, लेकिन रानीवाड़ा कस्बे से महज दो किमी दूरी पर स्थित जेफाराम प्रजापत ढाणी पर 15 वर्ष पूर्व बनीजीएलआर सूखा ही है।पानी के लिए ग्रामीणों को आज भी इधर-उधर से जुगाड़ करना पड़ता है।

शहर का ऊपरी भाग होने से खेतों में बने कुओं में पानी नहीं होने से ग्रामीणों को एवं ग्रामीणों के पशुधन को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। मटकाभर पानी के लिए घंटों तक मशक्कत करनी पड़ती है। गांव में विभाग की ओर से शहर के करीब बनाए गए जीएलआर पानी को तरस रहे हैं।जीएलआर जर्जर हो गए, लेकिन पानी की एक बूंद तक देखने को नहीं मिली है।कई बार विभाग को एवं ग्राम पंचायत को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।ग्रामीण वचनाराम ने बताया कि आज से 15 वर्ष पूर्व यह जीएलआर बनाया था।पाइप लाइन भी स्वीकृत हुई, लेकिन पंचायत ने आधी अधूरी लाइन ही लगाई।अब 15 वर्ष बाद भी न तो पाइप लाइन लगी और न पानी आया। ग्रामीण कृष्ण कुमार घांची ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांव में दूसरे जीएलआर में जलापूर्ति नहीं लोगों को दूरदराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को महंगेे दामों में टैंकर मंगवाना पड़ता है। जेफाराम प्रजापत ढाणी के पास करीब 30-35 ढाणियां बनी हुई है, यहां के निवासी पानी के लिए मुश्किल झेल रहे हैं।कई लोगों ने गांव में टांका बना रखा है, जिसमें टैंकरों से पानी डलवाते हैं। छतरसिंह राजपूत ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में जीएलआर में सप्लाई शुरू नहीं की गई तो उपखण्ड कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।...

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