वैज्ञानिकों ने अंगीकृत गांवों में किया भ्रमण

  |   Mandlanews

मंडला। राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के अंतर्गत अंगीकृत गांव में खुक्सर, डुंगरिया एवं मूढ़ाडीह मे दलहन एवं तिहलन संकुल प्रदर्शन के लिए रामतिल एवं अरहर का बीज इच्छुक एवं चयनित किसानों को वितरण किया गया था एवं कृषक प्रशिक्षण मे रामतिल एवं अरहर को तकनीकी रूप से लगाने के लिए विस्तार से बताया था। प्राप्त तकनीकी के आधार पर किसानो द्वारा अपने खेत में पंक्ति में रामतिल एवं अरहर की बुवाई की गई। कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ विशाल मेश्राम वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख के मार्गदर्शन में केंद्र के वैज्ञानिकों डॉ आरपी.अहिरवार एवं डॉ प्रणय भारती द्वारा गांव के किसानों के साथ प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने आ रही समस्या से अवगत कराया एवं समाधान प्राप्त किया। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आरपी अहिरवार ने बताया कि अच्छे जल निकास व उच्च उर्वरता वाली हल्की दोमट अथवा मध्यम भारी दोमट, प्रचुर स्फुर वाली भूमि सर्वोत्तम रहती है। खेत में पानी का ठहराव फसल को भारी हानि पहुँचाता है। अरहर की दीर्घकालीन प्रजातियॉं मृदा में 200 किग्रा तक वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थरीकरण कर मृदा उर्वरकता एवं उत्पादकता में वृद्धि करती है। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ प्रणय भारती ने बताया कि इसका उपयोग अन्य दलहनी फसलों की तुलना में दाल के रूप में सर्वाधिक किया जाता है।...

फोटो - http://v.duta.us/2wp3QgAA

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/u4XIrgAA

📲 Get Mandla News on Whatsapp 💬