Dussehra 2019: दशहरे के दिन नहीं होता यहां रावन दहन, लोगों में है अकाल मौत का डर

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बेमेतरा. आमतौर पर दशहरे (Dussehra) के दिन आतिशबाजी के साथ रावण का दहन किया जाता है. लेकिन छत्तीसगढ़ का एक गांव ऐसा भी है जहां विजयदशमी (Vijayadashami) के दूसरे दिन रावण का वध किया जाता है. और तो और बिल्कुल की अलग तरीके से यहां रावण का दहन किया जाता है. बकायता रावण (Ravan) को तालाब के बीचो-बीच एक नाव के सहारे लेकर जाया जाता है. फिर बड़े ही हाईटैक तरीके से उसे जलाया जाता है. कहा जाता है कि लोग सालों से ये परंपरा निभाते आ रहे हैं. इस पीछे एक बड़ी वजह भी है.

आपको बता दें कि ग्रामीण 30 फीट का रावण बनाते हैं. इसे बकायदा पानी में डूबने से बचने के...

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