मरने से पहले बयान में बोला जीप चढ़ा दी, 11 साल बाद सजा मिली

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सीकर. एससीएसटी कोर्ट ने बुधवार को हत्या के आरोपी को 11 साल बाद दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दो जनों को आरोपों से बरी कर दिया। अपर लोक अभियोजक गोपाल सिंह बिजारणियां ने बताया कि विशिष्ट न्यायाधीश सुनील बिश्नोई ने एससीएसटी एक्ट व हत्या के मामले में अहम साक्ष्यों को देखते हुए मनीराम उर्फ भोकला उर्फ पप्पू पुत्र भूराराम निवासी चबूतरा की ढाणी गावंली पाटन को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने मनीराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं मनीराम के दो सहयोगी किशोर सिंह पुत्र मंगेज सिंह निवासी गांवली पाटन व मुकेश सिंह पुत्र कल्याण सिंह निवासी गांवली पाटन को अपराध सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया। वहीं कोर्ट में दोनों की नियमित उपस्थिति होने पर जमानत मुचलके भी निरस्त कर दिए। मृतक शंकरलाल के भाई सुरेश मीणा ने पाटन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 29 मई 2008 को शंकरलाल मीणा निवासी गावंली पाटन खेत में काम कर रहा था। तभी उनके खेत से जीप लेकर मनीराम, किशोर सिंह व मुकेश सिंह के साथ आ गया। शंकरलाल खेत में बुआई कर रहा था। वह उसके खेत से जीप निकाल कर जाने लगा तो शंकरलाल ने मना कर दिया। मनीराम ने उसे जातिसूचक टिप्पणी करते हुए तुझे बहुत दिन हो गए, आज जिंदा नहीं छोडूंगा। इसके बाद उसने जीप शंकर पर चढ़ा दी। वह जीप नीमकाथाना की ओर लेकर फरार हो गए। शंकरलाल को परिजन इलाज के लिए नीमकाथाना ले गए। जयपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मनीराम सहित तीनों को गिरफ्तार कर लिया।...

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