राष्ट्रीय संगोष्ठी पर ताम्र परियोजना के बारे में दी जानकारी

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बालाघाट. मलाजखंड ताम्र परियोजना में कार्यरत तकनीकिशियन एसोसिएशन के तत्वावधान में चैलेंजस एण्ड आपर्चुनिटिस इन हाई राक अंडर ग्राउण्ड माइनिंग एवं बेनिफिसिएशन विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दिन 12 नवम्बर 1982 को तात्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी मलाजखंड ताम्र परियोजना को देश को समर्पित किया था। इस सेमीनार में देश भर से पहुंचे करीब 200 प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान ताम्र परियोजना के बारे में उपस्थितजनों को जानकारी दी गई।

संगोष्ठी को शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष सहप्रबंध निदेशक संतोष शर्मा ने संगोष्ठी के विषय को अति सामयिक बताया। उन्होंने कहा कि मलाजखंड ताम्र खदान खुली खदान से भूमिगत खदान में परिवर्तित हो रही है। ऐसे में समय आ गया है कि भूमिगत खदान में आने वाली परेशानियों को समझ उनका हल निकालते हुए उत्पादन किया जाए। वर्तमान समय में धातुओं की उपलब्धता कम होते आ रही है। हमें इनके संपूर्ण दोहन की तकनीकों पर काम करना होगा। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक एसके भट्टाचार्य ने कहा कि ताम्र परियोजना द्वारा देश के प्रगति में बहुमूल्य योगदान की बात कही। उन्होंने कहा कि खनिज की उपलब्धता बरकरार रखने का विश्वास जताया। इस अवसर पर महाप्रबंधक विनय कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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