अतिकुपोषण की जद में 1500 से अधिक मासूम, फिर भी अफसरों की नहीं टूटी नींद, एनआरसी खाली

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सिंगरौली. यदि जिला कुपोषणमुक्त है तो बात कुछ और है मगर, यहां डेढ़ हजार से अधिक मासूम अति कुपोषण की जद में हैं। इसके बावजूद जिला अस्पताल सहित ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों की एनआरसी खाली पड़े हैं। मूंदो आंख कहूं कछु नाही की तर्ज पर चलने वाले महिला बाल विकास विभाग के अफसरों को अब उनकी लापरवाही भारी पड़ रही है। कलेक्टर की ओर से पूर्वमें जारी आदेश को नजरअंदाज करने का नतीजा यह है कि अब अधिकारियों सहित पर्यवेक्षकों पर कार्रवाईकी तलवार लटक गई है।

जानकारी के लिए बतादें कि ऊर्जाधानी का ऐसा कोई एरिया नहीं है जहां बच्चे कुपाषित न हों, लेकिन इस ओर संबंधित विभाग के अफसर गौर नहीं फरमा रहे हैं। एनआरसी में सन्नाटा पसरा हुआ है। बेड खाली पड़े हैं। कहने को तो बच्चों को पोषणयुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से एनआरसी व आंगनबाड़ी में करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। मगर, इसका लाभ गांव के गरीब लोगों को नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि बच्चे कुपोषण का दंश झेल रहे हैं और महकमा कागजी खानापूर्ति में जुटा रहता है। गौरतलब है कि कलेक्टर ने सीएमएचओ और डीपीओ को नोटिस जारी कर लापरवाह अधिकारियों से जवाब-तलब करने और कार्रवाईकरने को कहा है।इसके बाद महकमे में हडक़ंप मच गया है।...

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