एक कंधे पर 10 चिकित्सकों का भार, ग्रामीण स्वास्थ्य बीमार

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उदयपुर/ मूंगाणा. medical and health department संभाग मुख्यालय उदयपुर के संयुक्त निदेशक कार्यालय के अधीन संचालित प्रतापगढ़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे में भी ग्रामीण स्वास्थ्य को लेकर अनदेखी का आलम है। उपचार की आस लेकर पहुंचने वाले ग्रामीणों की वहां सरकारी चिकित्सालयों में बेकद्री हो रही है। कभी चिकित्सक नहीं मिलते तो कभी नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं के चलते लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा। राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों के स्वास्थ्य से होने वाले खिलवाड़ की हकीकत जानने के लिए ये संवाददाता मूंगाणा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो चौंकाने वाली बातें सामने आई। पता चला कि स्वास्थ्य केंद्र में आबादी के हिसाब से 10 चिकित्सक के पद स्वीकृत हैं, लेकिन दिखावे के लिए एक मात्र चिकित्सक स्वीकृत सभी पदों का भार ढो रहा है। मरीजों के परामर्श के अलावा एक मात्र चिकित्सक डॉ. जीवराज मीणा को रेकॉर्ड मेंटेन करने के साथ जिला मुख्यालय पर होने वाली बैठकों को भी समय देना पड़ता है। चिकित्सक की अनुपस्थिति में ढांचागत व्यवस्था के तहत नर्सिंग स्टाफ मरीजों को उनके नाकाफी अनुभव के हिसाब से दवाइयां लिखते हैं। सीएचसी के अधीन आदर्श पीएचसी पारसोला व नया बोरिया के अलावा 8 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। करीब 10 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण यहां उपचार सेवाएं लेने आते हैं। लैब टेक्निशियन, रेडियोग्राफर जैसे महत्वपूर्ण पद भी यहां चिकित्सालय में नहीं है।...

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