कश्मीरियों ने👉 सालों झेला आईएस जैसा आतंक👊

  |   Hindiworldnews

अमेरिकी संसद में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के मानवाधिकार हालात पर सुनवाई हुई। जिसमें स्तंभकार (कॉलमनिस्ट) सुनंदा वशिष्ठ ने भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कश्मीर तब से इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे आतंक और क्रूरता का सामना कर रहा है जब पश्चिमी देशों को आतंक के बारे में मालूम नहीं था। उन्होंने बताया कि भारत की लोकतांत्रित साख काफी ऊंची है। हमने पंजाब और पूर्वोत्तर राज्यों में आतंक को हराया है।

वशिष्ठ ने गुरुवार को वाशिंगटन में टॉम लैंटोस एचआर कमीशन द्वारा आयोजित मानवाधिकार पर कांग्रेस की सुनवाई में कहा, 'हमने आईएस के स्तर वाला डर और क्रूरता 30 साल पहले देखी है तब पश्चिम को आतंकवादी संगठन आईएस की क्रूरता के बारे में पता तक नहीं था। मुझे खुशी है कि ये सुनवाई आज यहां हो रही है क्योंकि मेरे परिवार और मेरे जैसे हर व्यक्ति ने अपने घरों, हमारी आजीविका को खो दिया है। तब दुनिया ने उसपर चुप्पी साधी हुई थी।'

वशिष्ठ ने सुनवाई कर रहे दल के सदस्यों से पूछा, 'उस समय मानवाधिकार के वकील कहां थे जब मेरे अधिकार छीने गए? वह 19 जनवरी, 1990 की रात को कहां थे। जब कश्मीर में आवाजें लगाई जा रही थीं कि वे कश्मीर में हिंदू महिला चाहते हैं लेकिन हिंदू पुरुषों को नहीं? मानवता के उद्धारक उस समय कहां थे जब मेरी मां और मुझे मारने के लिए मेरे कमजोर बूढ़े दादाजी रसोई के चाकू और एक पुरानी जंग लगी कुल्हाड़ी के साथ खड़े थे ताकि हमें उस बदतर परिस्थिति से बचा सकें जो हमारा इंतजार कर रही थी?'

फोटो - http://v.duta.us/-go6tgAA

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/_kXfeAAA

📲 Get विश्व समाचार on Whatsapp 💬