किस्सा-2: मेडिकल कॉलेज की आरक्षित जमीन का बंदरबांट, कम पड़ी तो आवंटित कर दी सड़क, पोखर-खदान

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सतना/ जिले की सबसे बड़ी जरूरत मेडिकल कॉलेज का जनप्रतिनिधियों के मौन, रसूख के अतिक्रमण और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण बंटाधार होता नजर आ रहा है। 'बिना विचारे जो करे, सो पीछे पछताय' यह कहावत कॉलेज के लिए आरक्षित जमीन का जिन अफसरों ने बिना सोचे-विचारे दूसरे विभागों को आवंटन कर दिया, उन पर सटीक बैठ रही। दरअसल, मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति मिलने में देरी को देखते हुए अफसरों ने आंख बंद कर जमीन को रेवड़ी की तरह बांटा। अब जब मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक जमीन कम पड़ गई तो आनन-फानन निर्णय लेते हुए आठ एकड़ ऐसी जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित कर दी जो निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त ही नहीं।...

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