घाटा होने के कारण देशभर के युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठग चुके है मुंबई के दंपती

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इंदौर. युवा इंजीनियर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में 1 लाख 10 हजार रुपए मासिक वेतन की नौकरी दिलानेे के नाम पर 17 लाख की ठगी करने वाले मुंबई के दंपती को साइबर सेल ने भोपाल जेल से रिमांंड पर लेकर पूछताछ की। आरोपी ने जापान की यूनिवर्सिटी से कृषि ग्रेज्यूएट की डिग्री ली और फिर काम शुरू किया तो घाटा हो गया। आरोपी ने बाद में सरकारी नौकरी के नाम पर विज्ञापन जारी कर युवाओं को ठगना शुरू कर दिया था।

साइबर सेल भोपाल ने स्टूडेंट से डेढ़ लाख की ठगी करने के मामल में 25 अगस्त को सोहेल अहमद व उसी पत्नी जाहिरा को मुंबई से गिरफ्तार किया था। इस दौरान यह बात सामने आई कि फूटी कोठी में रहने वाले हर्षित भारद्वाज को एचआरडी मिनिस्ट्री के सेंटर फार डेवलपमेंट स्डीज वर्ग के अस्सिटेंट प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर उससे करीब 17 लाख रुपए ठग लिए थे। आरोपी भोपाल जेल मेें थे। साइबर सेल इंदौर ने अब आरोपियों को अपने केस में रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने पढ़ाई के बाद एक एग्रो फर्म खोली थी जिसमें घाटा हो गया। आरोपी के पिता जेएनयू दिल्ली में प्रोफेसर थे, उन्होंने सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने वाला एनजीओ संचालित किया था। आरोपी ने भी इस तरह का काम लेने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला। हालांकि प्रयास में उसे काफी घाटा हो गया। इसके बाद आरोपी ने ठगी का रास्ता चुना। उसने राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी नौकरी के लिए विज्ञापन जारी किए। उसने ई मेल एड्रेस को सरकारी वेबसाइट की तरह रखा ताकि लोगों को सरकारी एजेंसी होने का झांसा दे सके। इस झांसे में आकर ही इंदौर के छात्र व अन्य प्रदेशों से लोगों ने संपर्क किया। आरोपी व उसकी पत्नी नाम बदलकर उनसे बात करती और अलग अलग कामों के बहाने रुपए एंठेते थे। आरोपी ने सरकारी ऑफिस के लेटरपेड बनाकर लोगों को नियुक्ति पत्र भी भेज दिए थे।

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