जनजातीय संग्रहालय के लिए शिवराज के बाद कमलनाथ सरकार भी नहीं दे पाई भूमि, 11 जिलों में हुआ था सर्वे

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रीवा। प्रदेश में आदिवासी लोक कला संरक्षण के लिए चल रहे प्रयासों के बीच कोल जनजाति के लिए रीवा संभाग में संग्रहालय स्थापित करने की तैयारी की गई थी। इसके लिए आवश्यक भूमि अब तक नहीं मिल पाई है। जिसके चलते नए विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन यदि निर्धारित भूमि का इंतजाम नहीं कराएगा तो संग्रहालय रीवा संभाग के बाहर भी स्थापित किया जा सकता है।

कोल जनजाति रीवा संभाग में सर्वाधिक पाई जाती है, इसलिए पहले फोकस यहीं पर था। इसके अलावा शहडोल एवं जबलपुर संभाग में भी इनकी संख्या को देखते हुए विचार किया जा सकता है। बीते साल मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के उपक्रम आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, जनजातीय संग्रहालय भोपाल द्वारा प्रदेश के करीब दस जिलों का सर्वे किया गया था, इसमें रीवा और सीधी जिलों को चिन्हित किया गया था कि यहां पर प्रशासन भूमि और संसाधन उपलब्ध कराएगा तो कोल जनजातीय संग्रहालय की स्थापना होगी।...

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