टूटी पटरी से गुजरने वाली थी ट्रेन, यात्रियों ने दी सूचना, लाल झंडी दिखाकर रोकी ट्रेन

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अनूपपुर। बिलासपुर-कटनी रेल खंड के वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर १३ नवम्बर की सुबह ८.३० बजे रेलवे की लापरवाही में बिलासपुर से चलकर कटनी जाने वाली मेमू ६८७४७ सवारी गाड़ी बड़ा हादसे के शिकार से बाल बाल बच गई। प्लेटफार्म क्रमांक ०१ पर हर्री से छूटकर वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान पटरी के टूटे होने की सूचना पर स्टेशन मास्टर ने पोर्टर के माध्यम से लालझंडी दिखाते हुए टूटी पटरी के पास पहुंच रही सवारी गाड़ी को कुछ दूर पूर्व ही रूकवा दिया। ट्रेन चालक ने भी किसी बड़े खतरे को भांपते हुए तत्काल ट्रेन पर ब्रेक लगाते हुए सवार हजारों यात्रियों की जान को सुरक्षित कर लिया। घटना की सूचना तत्कल बिलासपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद जैतहरी पीडब्ल्यूआई की तकनीकि विभाग कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर टूटी पटरी को सुधार कर ट्रेन को अनूपपुर की ओर रवाना किया। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। हालांकि इस दौरान किसी ट्रेन के विलम्ब होने की पुष्टि रेलवे द्वारा नहीं की गई है। बिलासपुर रेल मंडल जनसम्पर्क अधिकारी अम्बिकेश साहू ने बताया कि अनुमानत: अधिक ठंड पडऩे के कारण रेल की पटरी टूटी होगी। यह टूट दोनों पटरी के जोड़ वाले हिस्से के पास हुई है। ठंड के समय पटरियों के टूटने की सम्भावनाएं रहती है वहीं अधिकारी का कहना है कि सुबह के दौरान वहां से कुछ ट्रेनों की आवाजाही हुई होगी, लेकिन इस सम्बंध में किसी ट्रेन चालक ने पटरी टूटे होने की जानकारी नहीं दी। सुबह ८.३० बजे वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री दिलीप दुबे और कामता यादव ने इस सम्बंध में स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी थी। जिसके बाद तत्काल आगे की कार्रवाई के लिए स्टेशन अधीक्षक को दिशा-निर्देश दिए गए। विदित हो कि बुधवार की सुबह ८.३० बजे रेलवे स्टेशन वेंकटनगर पर मेमू ट्रेन के आने की सूचना पर यात्रा के लिए तैयार कुछ यात्रियों में दिलीप दुबे और कामता यादव की नजर पास के टूटे पटरी पर पड़ी। जिसके बाद वहां शोर-शराबे की स्थिति बन गई। आनन फानन में दोनों यात्रियों ने रेलवे स्टेशन अधीक्षक वेंकटनगर को पटरी टूटे होने की सूचना दी। जिसके बाद सकते में आते स्टेशन अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर घटना का मुआयना किया। तत्काल बिलासपुर के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए पोर्टर के माध्यम से ट्रेन को रूकवाने के निर्देश दिए। पोर्टर टूटी पटरी से लगभग १०० मीटर दूर पहुंचकर झंडी दिखाते हुए ट्रेन को रूकवाया। जिसके बाद रेलवे कर्मचारियों सहित यात्रियों ने राहत की सांस ली। यात्रियों का कहना था कि सुबह कटनी की ओर जाने के लिए सवारी गाड़ी में यह पहली ट्रेन होती है, जिसके कारण यात्रियों की अधिक भीड़ होती है।

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