द रेडिएंट वे स्कूल: ४८ घंटे बाद भी नामजद केस दर्ज नहीं, मामले की जांच में बरती जा रही गंभीर लापरवाही

  |   Raipurnews

रायपुर। डूमरतालाब स्थित द रेडिएंट वे स्कूल में हादसा हुए ४८ घंटे से अधिक हो गए, लेकिन पुलिस और प्रशासन अब तक हादसे के जिम्मेदारों के नाम तक पता नहीं कर पाई है। यही नहीं, एडवेंचर कैंप करने वाली कंपनी तक की लिखित जानकारी पुलिस को नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद इस संवेदनशील मामले की जांच में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। मामले में जिला प्रशासन ने भी अब तक जांच शुरू नहीं की है।

हो चुकी है एक की मौत

द रेडिएंट वे स्कूल में एडवेंचर कैंप आयोजन करवाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन ने माउंटनमैन एजेंसी को दी थी। एजेंसी संचालक का नाम पुलिसकर्मियों द्वारा राहुल गुप्ता बताया जा रहा है। यह कंपनी पहले भी विवादों में रह चुकी है। कंपनी ने अपने काम की शुरुआत बैकुंठपुर जिले के अमृतधारा से की थी। बाद में मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में एडवेंचर स्पोट्र्स की जिम्मेदारी २०१९ में कंपनी संचालक राहुल गुप्ता को मिली। संचालक ने वहां जिप लाइन समेत एक दर्जन से ज्यादा स्पोट्र्स का सेटअप डाला। २४ जून २०१९ को कंपनी के कर्मचारी स्पोट्र्स का सामान छोड़कर वहां से चले गए। इस दौरान रामानुजनगर निवासी 35 वर्षीय हरी बरगाह पिता सोहर बरगाह अपने आठ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। टाइगर प्वाइंट में जिप लाइन का सेटअप देखकर वो उसमें गया और पैर फिसलने से दूसरी जाली में आ गिरा। सिर फटने से हरी की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद कंपनी ने टाइगर प्वाइंट में एडवेंचर स्पोट्र्स आर्गेनाइज करवाना बंद कर दिया। माउंटनमैन कंपनी के संचालक राहुल गुप्ता से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा और ना ही किसी प्रकार कर जवाब दिया।...

यहां पढें पूरी खबर- - http://v.duta.us/nIHWtAAA

📲 Get Raipurnews on Whatsapp 💬