धान की कस्टम मिलिंग के लिए बचे केवल 24 घंटे

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मिलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप देवांगन ने कहा कि इस साल धान की कस्टम मिलिंग को लेकर जो नीति बनाई गई है। उसके अनुसार मिलर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। नुकसान होने की आशंका को देखते हुए मिलर्स कस्टम मिलिंग के तहत पंजीयन नहीं करा रहे हैं। अब तक पंजीयन को लेकर कोई नोटिस या कार्रवाई की चेतावनी जिला प्रशासन के द्वारा नहीं दी गई है। कार्रवाई हो इससे पहले ही एक या दो दिन में कलेक्टर को मिलर्स अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बीते साल तक मिलर्स को अरवा चावल की कस्टम मिलिंग में 20 रूपए प्रति क्विंटल एवं उसना चावल की मिलिंग में 10 रूपए प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा भी 10 रूपए प्रति क्विंटल अरवा में और 20 रूपए प्रति क्विंटल उसना चावल में प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी । लेकिन इस साल राज्य सरकार ने अपना अंशदान नहीं देने की बात कह रही है। जिसको लेकर मिलर्स नाराज हैं और पंजीयन कराने के आगे नहीं आ रहे हैं।...

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