धर्म-जाति के इतर व्यवहारिक और आध्यात्मिक सोच रखते थे नेहरू

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देवेंद्रनगर. बाल दिवस पर नेहरू दर्शन पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आनंद शुक्ला रहे। अध्यक्षता संस्था प्राचार्य प्रो. अमिताभ पांडेय ने की। विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी अध्यक्ष अजीत कुशवाहा और युवा नेता रामकरण पांडेय रहे। मुख्य अतिथि आनंद शुक्ला ने कहा,

पंडित नेहरूके कारण आज हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। उनकी वैज्ञानिक सोच के कारण हम तकनीकि रूप से विकास मान है। जनभागीदारी अध्यक्षअजीत कुशवाहा ने नेहरू के योगदान पर विस्तृत चर्चा किया। रामकरण पाण्डेय ने कहा, छात्रो को नेहरू के योगदान और उनके बलिदान का अध्ययन किया जाना आवश्यक है। उन्हे नेहरू जी से गहरी सीख लेने की आवश्यकता है। प्राचार्य प्रो. अमिताभ पाण्डेय ने कहा, नेहरू किसी धर्म विशेष में विश्वास नहीं करते थे लेकिन व्यवहार में वे बड़ी आध्यात्मिक वृति के पुरूष थे। वे वास्तव मे प्रकृति पूजक थे। वे रूढि़वाद और सम्प्रदायिकता के विरूद्व थे। नेहरू पर गीता का भारी प्रभाव था ।गीता के कर्म के संदेश को उन्होंने अपने जीवन मे उतारा तथा निभाया भी।...

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