प्रतिदिन गोल्डेन कार्डों की जा रही मॉनिटरिंग

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सोनभद्र। डीएम एस. राजलिंगम ने प्रतिदिन गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड की समीक्षा शुरू कर दी है। इस सुविधा से वंचित लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य 105 गांवों में चल रहा है। अभी तक ज्यादातर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है। इससे उन्हें स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों के 172583 परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। चयनित लाभार्थियों व उनके परिवार के सदस्यों का साल भर में पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज करने की व्यवस्था है। लेकिन अभी तक चयनित लोगों में से करीब 50 प्रतिशत लोगों का ही कार्ड बन सका है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को प्रधानों के माध्यम से गांवों में कैंप लगाकर चयनित लोगों का कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है। आदेश के क्रम में आठ नवंबर से प्रथम चरण में 105 गांवों में कैंप लगाकर कार्ड बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन नक्सल-दुरूह क्षेत्रों के गांवों में नेटवर्क न होने से कार्ड बनाने में परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। अभी तक करीब 84230 लोगों को कार्ड बनाकर उन्हें दे दिया गया है। चयनित 20620 लोग मुफ्त में उपचार भी करा चुके हैं। प्रतिदिन सुबह नौ बजे डीएम सभी एसडीएम, बीडीओ और एडीओ पंचायतों से उनके गांवों मेें बनाए जा रहे गोल्डन कार्डों की प्रगति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इससे गोल्डन कार्ड बनवाने मेें लगे अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है।...

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