पलंग न प्राइवेट रूम, जमीन पर 'जननी, अटैंडर बोले- नहीं सुनता प्रबंधन

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गुना. सरकार 'जननी के उचित स्वास्थ्य व सुरक्षा पर हर साल विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर रही है। इसके बावजूद इन योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ 'जननी को नहीं मिल पा रहा है। हकीकत जानने के लिए अंचल के किसी भी सरकारी अस्पताल पर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि ऐसे हालात जिला अस्पताल में ही मौजूद हैं।

यहां के मेटरनिटी विंग में भर्ती होने वाली अधिकांश प्रसूताओं को जरुरत के समय न तो पलंग नसीब हो पा रहा है और न ही फर्श पर लेटने तक को बैड उपलब्ध करवाया जा रहा है। यही नहीं यदि कोई मरीज अपनी सुविधा के लिए प्राइवेट रूम लेना चाहता है तो वह भी उसे उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। क्योंकि अस्पताल प्रबंधन प्राइवेट रूम को स्टोर रूम के रूप में उपयोग कर रहा है। पीडि़त मरीज के परिजन यदि वार्ड स्टाफ या अस्पताल प्रबंधन से शिकायत करता है तो उसकी सुनवाई नहीं होती है।...

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