बर्कले यूनिवर्सिटी ने वशिष्ठ बाबू को कहा था 'जीनियसों का जीनियस', पढ़ें कुछ खास बातें

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पटना/आरा. वे न केवल बिहार की बल्कि पूरे देश की थाती थे. बर्कले यूनिवर्सिटी (Berkeley University) ने उन्हें जीनियसों का जीनियस ऐसे ही नहीं कहा था. उनके बारे में मशहूर है कि उन्होंने आंइस्टीन (Einstein) के मास, लेंथ और टाइम के सिद्धांत को चुनौती दी थी. मशहूर तो यह भी है कि नासा (NASA) में एक मिशन चल रहा था. अचानक 30 कंप्यूटर फेल हो गए. वहां मौजूद जिस शख्स ने लिख कर सटीक गणना कर दी वह वशिष्ठ नारायण सिंह (Vashistha Narayan Singh) थे.

दशकों से वे गुमनामी में जी रहे थे. उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं होने की बात कही जाती थी. बावजूद इसके वे हर बिहारवासी के हीरो बने रहे. पीएमसीएच में गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली तो एकबारगी लगा कि हमने अपना वो धरोहर खो दिया जिनके जीवित रहते हुए हम कद्र न कर सके....

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