बाहर सोते समय हो गई अधेड़ की मौत, तीन साल से नहीं मिली थी आवास योजना की किश्त

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दमोह. शहर के जटाशंकर कॉलोनी समीप नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर के पास अधूरे पड़े मकान में खुले आसमान के नीचे सो रहे एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की मौत हो गई। अधूरे पड़े मकान में केवल मां-बेटे रहते थे, जिससे बुजुर्ग महिला के पास अंतिम संस्कार के लिए रुपए तक नहीं होने से परिचितों व पड़ोसियों की मदद से उसका अंतिम संस्कार किया गया।

मामले में मौत को लेकर लच्छी बाई पति पंचम चक्रवर्ती (६०) ने बताया कि पिछले तीन साल पूर्व उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में आया था। जिसके बाद अभी तक उसे पहली किश्त में ४० फिर १५ फिर ४८ मिले थे। १ लाख ३ हजार अभी तक मिले जबकि ढाई लाख रुपए मिलना थे। कई बार नगर पालिका सहित पार्षद के चक्कर लगाए लेकिन उसे शेष राशि आज तक नहीं मिली। जिससे उसका मकान तीन साल से अधूरा पड़ा है। छप्पर नहीं होने से वह कई बार पनी भी लगा चुकी हैं लेकिन वह फटजाने के बाद उसे भी खरीद नहीं सकीं। उन्होंने बताया कि वह तथा उनका बेटा भगवानदास चक्रवर्ती (४७) खुले आसमान के नीचे सो रहा था। जिसकी मौत कैसे हो गई। नहीं जानती। पड़ोसी शंकर ने बताया कि वृद्ध महिला के पास बेटे के अंतिम संस्कार के लिए रुपए भी नहीं थे। जिससे पड़ोसियों सहित अन्य परिचितों ने अंतिम संस्कार का इंतजाम किया।...

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