मुम्बई के छात्रों ने पर्वतीय क्षेत्र के भवन निर्माण शैली के सीखे गुर

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बीरोंखाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत बंगार में रचना संसद एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर कॉलेज मुंबई के छात्रों ने गांव का भ्रमण कर पहाड़ के मकानों के निर्माण की तकनीक, वास्तु कला, संस्कृति, खानपान और रहन-सहन का अध्ययन किया।

ग्राम पंचायत बंगार में मुंबई के आर्किटेक्चर कॉलेज के 30 छात्रों ने 4 दिवसीय कैंप में प्रतिभाग कर पहाड़ के परिवेश को नजदीक से जाना। कॉलेज के प्रोफेसर अमित जैन ने कहा कि कैंप के दौरान छात्रों ने गढ़वाल में भवन निर्माण की तकनीक पर शोध किया। इसके तहत भवन निर्माण के दौरान प्रयुक्त स्थानीय संसाधनों, वातानुकूलित भवनों के निर्माण की तकनीकी, वास्तुकला, मकानों में प्रयुक्त लकड़ी शानदार नक्काशी की लुप्त प्राय तकनीक को जाना। कैंप के दौरान बच्चों ने स्थानीय लोगों से यहां के परंपरागत भोजन, पर्वतीय क्षेत्र के संस्कृति के बारे में जाना। प्रतिभागी छात्रों ने बंगार गांव में आयोजित कैंप को यादगार बताया। कहा कि गढ़वाल में पर्यटन की अपार संभावना विद्यमान हैं। प्रकृति ने पहाड़ को अनमोल धरोहर दी है। सरकार यदि पर्यटन पर ध्यान देते हुए आधारभूत सुविधाएं विकसित कर दे, तो यहां की आर्थिकी बदल सकती है और आने वाला समय पहाड़ के गांवों का है। इस अवसर पर बंगार गांव की महिला मंगल दल से जुड़ी महिलाओं और गांव की बेटियों ने गढ़वाली गीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कैंप आयोजक अजीत नेगी, वेलफरेड लोबो, प्रेरणा ठक्कर, ग्राम बंगार की प्रधान वंदना बौड़ाई, बसंती देवी, नीता देवी, रोशनी देवी, प्रभा देवी, मंजू देवी, नरबीर सिंह बिष्ट, सुनील बौड़ाई आदि मौजूद रहे।

फोटो - http://v.duta.us/rLNOWAAA

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