मिलावट की जाँच में गफलत, आधे से ज्यादा नमूनों की नहीं आई रिपोर्ट

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जबलपुर. शहर में नकली फूड फैक्ट्री से लेकर ब्रांडेड कंपनी के मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री का खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन की हालिया कार्रवाई में हुआ है। सरकार प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को बंद कराने का दावा कर रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से जब्त संदिग्ध खाद्य सामग्रियों की जांच में लेटलतीफी से सरकार के तमाम दावे धरे रह गए हैं। जिले में चार महीने में छापेमार कार्रवाई में साढ़े चार सौ से ज्यादा खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता संदिग्ध मिली। इनके नमूना का परीक्षण भोपाल स्थित सरकारी प्रयोगशाला में होना है। जहां, जांच की धीमी गति से जिले से जब्त किए गए नमूनों में 55.56 प्रतिशत की रिपोर्ट लंबित है। आधे से ज्यादा नमूनों की जांच रिपोर्ट नहीं आने से दोषियों पर कार्रवाई पिछड़ रही है। मिलावटखोर धड़ल्ले से मिलावटी एवं अमानक खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। हैरान करने वाले रहे हैं नतीजे - कटंगी बायपास पर औरिया में पनीर फैक्ट्री की जांच की गई। कैमिकल युक्त नकली पनीर मिलने पर फैक्ट्री सील की। - ग्वारीघाट मार्ग स्थित एक मॉल में ब्रांडेड फूड चेन कंपनी का मैदा और एक अन्य स्टोर में ब्रांडेड घी मिसब्रांडेड मिला। - कृषि उपज मंडी में एक गोदाम में खतरनाक कार्बाइड से फल पकाते हुए पाया गया। - विजय नगर और माढ़ोताल क्षेत्र में घर में चल रही फैक्ट्री पकड़ी गई। नकली घी बनता मिलने पर रासुका की कार्रवाई। - बलदेवबाग क्षेत्र में अवैध नूडल्स एवं रामपुर में अवैध डेरी मिली। गड़बड़ी मिलने पर डेरी को तत्काल सील किया गया। - कई प्रतिष्ठानों में बेचे जा रहे मसाले, नमकीन, ब्रेड भी अमानक एवं मिलावटी मिले। दो लाख रुपए तक जुर्माना हुआ। - नामी रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान में अमानक खाद्य सामग्री। बाजार में एक्सपायरी डेट के नमकीन, चॉकलेट, स्नैक्स मिले। (नोट: जुलाई से अभी तक जांच की स्थिति)बिक जा रही अमानक सामग्री- प्रशासन की ओर से जब्त किए जा रहे नमूनों की जांच होने में विलंब से मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि खाद्य सामग्री की नमूनों की जांच में 15 दिन से डेढ़ माह तक का समय लग रहा है। जल्दी होने वाली जांच में भी एक पखवाड़े से ज्यादा समय लगने से मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई जोर पकड़ नहीं पा रही है। जांच रिपोर्ट की धीमी रफ्तार से प्रशासन की अमानक संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच भी ठंडी पड़ रही है। मिलावटखोर मौके का फायदा उठा रहे है। रिपोर्ट आने से पहले धड़ल्ले से अमानक और मिलावटी खाद्य सामग्री बिक जा रही है। जल्दी प्रयोगशाला बनने की जरूरत- प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभी सिर्फ भोपाल में प्रयोगशाला है। बीते कुछ महीने में मिलावटी वस्तुओं के विरुद्ध चलाए गए अभियान के कारण प्रयोगशाला में बड़ी संख्या में नमूने जांच के लिए एकत्रित हो गए हैं। इससे संदिग्ध नमूनों की जांच रिपोर्ट जल्दी नहीं मिल पा रही है। मिलावट की जांच तेजी से करने के लिए शहर में प्रयोगशाला की स्थापना होना है। इसका कार्य धीमी गति से चल रहा है। जानकारों के अनुसार प्रयोगशाला के जल्द तैयार होने से जांच तेजी से होगी। मिलावट रोकने और मिलावटखारों पर कार्रवाई तेज हो सकेगी। एसडीएम आशीष पांडे के अनुसार जांच के लिए भेजे गए कुछ नमूनों की रिपोर्ट अभी नहीं मिले है। जांच शीघ्र करके रिपोर्ट प्रेषित करने पत्र भेजा है। यह है स्थिति- 450 से ज्यादा संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए जब्त - 28 प्रतिष्ठानों से जब्त नमूनों की आयी जांच रिपोर्ट में 35 फेल - 250 से ज्यादा संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच लंबित - 50 प्रतिशत नमूने अभी तक आयी जांच रिपोर्ट में फेल मिले हैं

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