वन विभाग की थी जमीन, बिना किसी आदेश के प्रायवेट नाम चढाए गए

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ग्वालियर। जिला न्यायालय की जमीन के मामले में उच्च न्यायालय को बताया गया कि एडीजे द्वारा इस मामले की जांच में पाया गया था कि उक्त जमीन वन भूमि थी। राजस्व रिकार्ड में इस जमीन को लेकर जो प्रविष्टियां की गई हैं वे बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के की गई हैं।

न्यायमूर्ति शील नागू एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार भारद्वाज एवं अधिवक्ता राजू शर्मा ने यह बात न्यायालय को बताई। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में सुनवाई कर रहे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रकरण से संबंधित सभी रिकार्ड लेकर १९ नवंबर को अदालत में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में प्रीति गोयल, नीलम कालरा तथा नीना कालरा की ओर से इंटरवेंशन के आवेदन भी न्यायालय में पेश किए गए।...

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