सरकार के विरोधाभासी रुख पर पशुपालन सचिव तलब

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जोधपुर। राज्य में निजी वेटेनरी इंस्टीट्यूट्स में सीटें बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार के विरोधाभासी रुख पर नाराजगी जताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग के शासन सचिव को 21 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में नागफनी वेटेनरी इंस्टीट्यूट एवं अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता डा.सचिन आचार्य ने बताया कि याचिकाकर्ता तीन इंस्टीट्यूट्स में वेटेनरी साइंस का दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जाता है। इसके लिए तीनों इंस्टीट्यूट्स को पचास-पचास सीटें आवंटित की गई हैं, जिन्हें बढ़ाकर एक सौ करने के आवेदन पर एग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी ने संस्थानों का निरीक्षण कर सरकार को अपनी सिफारिश भेज दी थी। सरकार द्वारा अपेक्षित निर्णय नहीं लिए जाने पर दायर याचिका पर कोर्ट ने अगस्त में तीन दिन में अपेक्षित कदम उठाने को कहा था, लेकिन सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की। आचार्य ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के प्रकरण में सरकार का कहना है कि इस संबंध में ड्राफ्ट गाइडलाइन तैयार की गई है, लेकिन अब तक उसे अनुमोदित नहीं किया गया है। अनुमोदन होने के बाद ही आवश्यक निर्णय लिया जा सकेगा, जबकि इस बीच 25 अक्टूबर को 9 अन्य इंस्टीट्यूट्स की सीटें बढ़ा दी गई। इस विरोधाभासी रुख पर एकलपीठ ने नाराजगी प्रकट करते हुए पशुपालन विभाग के शासन सचिव को तलब किया।

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