होशियार ! दिल्ली में तो बचा ली थी जान, यहां खराब ट्रेंकुलाइजर गन नहीं आएगी आपके काम

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भिलाई. दिल्ली चिडिय़ाघर में एक युवक शेर के बाड़े में कूद गया था। हालाकि बाद में शेर को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश किए और उस युवक को सही सलामत वहां से बचा भी लिए। यह गलती कोई मैत्रीबाग के चिडिय़ाघर में करने की कोशिश न करें। वर्ना लेने के देने पड़ सकते हैं। एक तो यहां बाघ किसी को इतना समय देते नहीं। दूसरी ओर मैत्रीबाग की गन खराब है। बाघ के बाड़ा में कोई गया, तो उसका भगवान मालिक।

जो गए भीतर वह लौटे नहीं

1990 में एक व्यक्ति मैत्रीबाग के लॉयन के बाड़ा में कूदा। इसके बाद लौटा नहीं। बाड़ा में गिरते ही उस व्यक्ति पर लॉयन ने हमला कर दिया। उसकी जान चली गई, तब जाकर लॉयन वहां से हटा, तब उसे निकालकर मारच्यूरी में रखे। इस वजह से मैत्रीबाग के बाड़े को पहले से कुछ और ऊंचा भी किए हैं। जिससे कोई चाहकर भी भीतर कूद न सके।...

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