20 झारखंड स्थापना दिवस आज : भगवान की तरह पूजे जाते हैं धरती आबा

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शौर्य का इतिहास रचनेवाले महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती आज

भगवान बिरसा मुंडा. साहस और पराक्रम की स्याही से पुरुषार्थ के पृष्ठों पर शौर्य का इतिहास रचनेवाला एक महान स्वतंत्रता सेनानी. किसानों का शोषण करनेवाले जमींदारों के खिलाफ उन्होंने लड़ाइयां लड़ी. साथ ही अंग्रेजों, राजस्व-व्यवस्था और जल, जंगल और जमीन के लिए आवाज बुलंद की. बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को उलिहातू (खूंटी जिला) में हुआ. अंतिम सांस 09 जून 1900 को ली.

छोटी उम्र में वह स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ सामाजिक नेतृत्वकर्ता बनकर उभरे. उनके संघर्ष और आंदोलन ने उन्हें भगवान का दर्जा दिला दिया़ अंग्रेजों के साथ लड़ाई करने के साथ-साथ सामाजिक चेतनाएं भी जागृत की़ माना जाता था कि उनके अंदर कुछ अलौकिक शक्तियां भी थीं. लोगों का विश्वास था कि उनके स्पर्श मात्र से कई कष्ट दूर हो जाते थे़ उनका संदेश प्राप्त कर कई लोग उन्हें भगवान मानने लगे और एक अलग धर्म की स्थापना की गयी, जिसे बिरसाइत धर्म कहा जाता है़ इस धर्म के अनुयायी आज भी सादगीपूर्ण जीवन-यापन करते हैं...

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