7.76 लाख पेड़ का घोटाला: राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेड़ लगाए बिना हुआ भुगतान, होईकोर्ट का नोटिस

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ग्वालियर। चंबल नदी(धौलपुर) से चाचौड़ा(गुना) 346 किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 7.76.252 लाख पेड लगाने का घोटाला में लगाई गई जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय राजर्मार्ग प्राधिकरण और ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस देकर छह सप्ताह में जबाब मांगा गया है।

न्यायमूर्ति शील लागू एवं न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की युगल पीठ ने एडवोकेट बिफोर कुमार साहू द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किए हैं। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 एवं 46 जो कि चंबल नदी से चचौड़ा तक बनाया गया है, इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2008 एवं 2015 की पॉलिसी के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनो तरफ 3 लाइन में प्रथम एवं द्वितीय पंक्ति में हर १० फीट के बाद एक वृक्ष लगाना था। इसी तरह तृतीय पंक्ति में हर २० फीट के बाद फलदार पेड़ लगाए जाने थे। सडक़ निर्माण के साथ ही यह शर्त थी कि ठेकेदार इस मार्ग पर करीब 5.६७.४४० एवं हाइवे के बीच वाले हिस्से पर करीब २.०८.८१२ पेड़ 2 से 3 मीटर के लगाएंगे। इस मार्ग पर सडक़ का निर्माण किया गया और भुगतान भी अधिकारियों द्वारा कर दिया गया,लेकिन पेड़ नहीं लगाए गए। एग्रीमेंट और पॉलिसी के अनुसार यह पेड़ लगाना ठेकेदारों को अनिवार्य था। पेड़ न लगाने पर ठेकेदारों पर कार्यवाही किए जाने एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने के भी प्रावधान इस पॉलिसी में किए गए हैं इन्हीं तथ्यों को उठाते हुए यह जनहित याचिका प्रस्तुत की गई है जिसमें न्यायालय को बतााया कि संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारियों को इस मार्ग पर पेड़ लगाए जाने के निर्देश प्रदान किए जाएं याचिका में कहा गया कि ठेकेदारों एवं अधिकारियों ने यहां पर पेड़ लगाए जाना बताया एवं बाद में इन पेड़ों के सूखने के बाद करते हुए घालमेल किया गया। न्यायालय ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए है

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