[anuppur] - ठेकेदार की बढ़ी मुसीबत: अनूपपुर-जैतहरी मार्ग के अधूरे निर्माण पर अनूपपुर विधायक का अल्टीमेंटम, सप्ताहभर में कार्य आरम्भ नहीं करने पर होगी कार्रवाई

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पैसे के अभाव में सालभर से रूका है सडक़ का निर्माण, धूल की गुबार में घुट रहा जनजीवन

अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर नगर की मुख्य मार्गो में शामिल अनूपपुर-जैतहरी सडक़ के अधूरे निर्माण पर अब अनूपपुर विधायक ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को सप्ताहभर का अल्टीमेटम देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही विधायक ने ठेकेदार के बकाया लगभग २ करोड़ ८५ लाख की राशि का भुगतान भी एकाध दिनों में पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर राशियों के आवटन के बाद भी ठेकेदार द्वारा सप्ताहभर के अंदर काम का आरम्भ नहीं किया जाता है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायक का मानना है कि शासन द्वारा पूर्व में प्रस्तावित ५७ करोड़ की परियोजना में किसी ठेकेदार के लिए ढाई से तीन करोड़ की राशि का भुगतान अटक जाना बहुत बड़ी राशि नहीं लगती है। और राशियों के अभाव में ठेकेदार निर्माण कार्य को रोक दें?। हालांकि विधायक ने इस मामले में तत्कालीन जनप्रतिनिधि और प्रशासन को भी आड़े हाथ लेते हुए अधिकारियों की अनदेखी के कारण सडक़ की दुर्दशा का कारण बताया। उन्होंने कहा अगर जनप्रतिनिधियों को आम जनता का ध्यान रहता है और प्रशासन द्वारा ठेकेदार द्वारा दी गई सूचना बाद भी राशियों के आवंटन में विलम्बता नहीं बरती जाती तो सडक़ पूर्व में भी तैयार हो जाता। बताया जाता है कि सडक़ निर्माण एजेंसी का पूर्व १ करोड़ २० लाख रूपए तथा बाद के १ करोड़ ६५ लाख की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। जिसमें ठेकेदार ने अपने पैसे के अटक जाने का खतरा महसूस करते हुए सडक़ निर्माण से दूरी बना ली। इस सम्बंध में ठेकेदार ने तत्कालीन जिला प्रशासन से बार बार पैसे भुगतान कराने की अपील की, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर राशियों का आवंटन नहीं हो सका। परिणामस्वरूप फरवरी २०१८ से नगरीय सीमा क्षेत्र में आरम्भ किया गया सडक़ निर्माण का कार्य सालभर से बंद पड़ा हुआ है। पीडब्ल्यूडी की जानकारी के अनुसार नवम्बर २०१५ में तत्कालीन प्रदेश शासन लोक निर्माण मंत्री सरताज सिंह ने आईआरडीएफ परियोजना के तहत अनूपपुर अमरकंटक तिराहा से जैतहरी वाया वेंकटनगर तक लगभग ४०.६०० मीटर लम्बी सीसी सडक़ निर्माण की आधारशिला रखी थी। जिसमें शासन की ओर से ५७ करोड़ की राशि स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमे कार्य आरम्भ की तिथि २९ जनवरी २०१६ निर्धारित करते हुए कार्य समाप्ति १७ नवम्बर २०१७ तय की थी। लेकिन इन निर्धारित समय में कंपनी द्वारा सडक़ का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। जिसपर शासन की ओर पुन: पुनरीक्षित कार्य समाप्ति अवधि ३० जून २०१८ निर्धारित की, बावजूद कंपनी द्वारा सडक़ निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका। यहीं नहीं पूर्व प्रस्तावित स्वीकृत राशियों में विलम्बता तथा मंहगाई का हवाला देते हुए कपंनी ने शासन से अतिरिक्त ११ करोड़ की राशि का प्रस्ताव तैयार करवा दिया। जिसके कारण पूरी परियोजना ५७ करोड़ की जगह अब ६८ करोड़ की हो गई।...

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