[jaipur] - उठक-बैठक सजा नहीं, मस्तिष्क का है योग, याददाश्त भी होती तेज

  |   Jaipurnews

क्या आपने कभी दंड स्वरूप उठक-बैठक की है? उठक-बैठक करने के कारण होने वाला दर्द, कान के आस-पास व मस्तिष्क के दोनों ओर महसूस होता था। यह एक प्रायोगिक क्रिया है। इसके पीछे याददाश्त बढ़ाने का वैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है।

ऐसे करें :

दाहिने हाथ की अंगुलियों से बाएं कान के लोब व बाएं हाथ की अंगुलियों से दाहिने कान के लोब को पकड़ें। लम्बी सांस लेकर घुटनों को झुकाएं और ऊपर उठते हुए सांस को छोड़ें। इस प्रक्रिया को दिन में 20 से 30 बार एक से दो मिनट नियमित रूप से करें। उठक-बैठक का अभ्यास करने से याददाश्त में वृद्धि होती है। क्लास शुरू होने या फिर लंच के बाद इसको करना फायदेमंद है। इससे अल्फा तरंगों में भी बढ़ोत्तरी होती है।...

फोटो - http://v.duta.us/5Qo3dgAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/V1EXpwAA

📲 Get Jaipur News on Whatsapp 💬