[jhajjar-bahadurgarh] - आपतिजनक टिप्पण्णी करने के चलते युद्धवीर मलिक पर छारा पंचायत करेगी कानूनी कार्रवाई

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झज्जर। जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा न मिलने के कारण पिछले 11 दिनों से चल रहे छारा गांव के किसानों के धरना में वीरवार को एक नया मोड़ आ गया। वीरवार सुबह सरपंचों, जिला परिषद व ब्लॉक समिति के मेंबरों और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की पंचायत धरनास्थल पर हुई। कैप्टन मान सिंह की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत ने बड़ा कदम उठाते हुए एनएचएआई के अधिकारी युद्धवीर मलिक पर मानहानि व अन्य कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रमेश दलाल को पंचायत ने युद्धवीर मलिक पर आगे की कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया है। युद्धवीर मलिक केंद्रीय परिवहन मंत्रालय में सचिव हैं। रमेश दलाल ने बताया कि 6 फरवरी को सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने धरनास्थल से किसानों कि उचित मुआवजे की मांग को लेकर युद्धवीर मलिक को फोन मिलाया था। इसके जवाब में युद्धवीर मलिक ने छारा गांव पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि छारा गांव की तो झोली फटी हुई है। यह पूरी वार्तालाप स्पीकर फोन पर हो रही थी इसलिए युद्धवीर मलिक द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को धरने पर बैठे सभी किसानों ने सुना। रमेश दलाल ने बताया कि उसके बाद सांसद हुड्डा ने फोन उन्हें दे दिया और उनसे फोन पर हो रही बातचीत में फिर से युद्धवीर मलिक ने उन आपत्तिजनक शब्दों को दोहराया। उसके बाद जब किसानों का प्रतिनिधिमंडल रमेश दलाल के नेतृत्व में बुधवार को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने गया तो वहां भी मीटिंग में पहले तो युद्धवीर मलिक ने मंत्री को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद में छारा गांव के बारे में फिर से ऐसी भाषा का प्रयोग किया। इस सारे घटनाक्रम से छारा व आसपास के किसान क्रोधित हैं। रमेश दलाल का कहना था कि एक तो अधिकारी किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं और ऊपर से उनके गांव देहात के बारे में ऐसी भाषा बोल कर उन्हें बेइज्जत किया जा रहा है। पंचायत में मौजूद हर व्यक्ति ने एक स्वर में कहा कि युद्धवीर मलिक को ऐसे बयान के लिए बख्शा नहीं जाएगा। पंचायत ने एकजुटता से फैसला लिया है कि मलिक के खिलाफ छारा गांव की ओर से मानहानि का केस किया जाएगा।...

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