[kotdwar] - कोटद्वार-सतपुली के बीच एनएच चौड़ीकरण का मामला अधर में

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कोटद्वार। कोटद्वार से सतपुली तक नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का मामला क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए भूमि न मिलने के कारण अधर में लटक गया है। क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए भूमि न मिलने के कारण वन भूमि हस्तांतरित नहीं हो पा रही है। यही नहीं कोटद्वार नगर क्षेत्र में भी अतिक्रमण न हटने के कारण सड़क चौड़ीकरण का मामला अभी लटका हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग धुमाकोट ने वन विभाग से डी ग्रेड की भूमि में क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद ही चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो पाएगा।

कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर नेशनल हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग खंड में नजीबाबाद-बुआखाल एनएच-534 के नाम से जाना जाता है। फरवरी, 2016 में राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। शहरी क्षेत्र कोटद्वार में कौड़िया से लेकर सिद्धबली तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर पसरे अतिक्रमण को नगर निगम और प्रशासन द्वारा हटाया जाना है। सिद्धबली से लेकर सतपुली तक वन अधिनियम के चलते चौड़ीकरण का काम नहीं हो पा रहा है। एनएच खंड की ओर से वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित भूमि के एवज में क्षतिपूरक वृक्षारोपण करना है। विभाग को सतपुली से लेकर श्रीनगर तक चौड़ीकरण के लिए क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए तो भूमि मिल गई है, लेकिन, सिद्धबली से लेकर सतपुली तक क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए अब एनएच की ओर से वन विभाग से डी ग्रेड भूमि में क्षतिपूरक वृक्षारोपण कराने की अनुमति और भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार चल रहा है।...

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