[mainpuri] - फायरिंग रेंज के बिना कहां निशाना लगाएं शूटर

  |   Mainpurinews

मैनपुरी। देश में क्रिकेट के अलावा भी कई ऐसे खेल हैं, जिनकी अपनी रोचकता है। ऐसा ही एक खेल निशानेबाजी है। जिले में इस खेल का अस्तित्व ही नहीं है। यहां पिछले दस वर्षों से फायरिंग रेंज भी नहीं है। यही कारण है कि निशानेबाजी के क्षेत्र में एक भी खिलाड़ी जिले ने नहीं दिया है।

जिले में रायफल ट्रेनिंग क्लब तो है, लेकिन यह सिर्फ नाम का है। जिले में निशानेबाजी के लिए कोच की भी व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही फायरिंग रेंज भी नहीं है। अफसरों की उदासीनता से इस खेल का स्थानीय स्तर पर प्रचार प्रसार भी नहीं किया जाता है। रायफल क्लब के आजीवन सदस्य सतेंद्र चौहान का कहना है कि पिछले दस साल से जिले में फायरिंग रेंज ही नहीं है। पहले खिलाड़ी थे, लेकिन उन्हें संसाधन नहीं मिले तो वह भी शिथिल हो गए।...

फोटो - http://v.duta.us/efxjmgAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/hXs8rgAA

📲 Get Mainpuri News on Whatsapp 💬