[roorkee] - जहरीली शराब के लिए केमिकल देने वाले चार गिरफ्तार

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की

जहरीली कच्ची शराब प्रकरण में पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपी अर्जुन को आईपीए (आइसोप्रोपाइल एल्कोहाल) के छह ड्रम उपलब्ध कराने वाले चार आरोपियों को भी कंपनी से गिरफ्तार कर लिया है। इन चार आरोपियों में रुड़की स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी का मालिक व मैनेजर भी शामिल हैं। कंपनी मालिक यह आईपीए केमिकल हिमाचल, दिल्ली और मुंबई से मंगवाता था। पुलिस अब तीनों प्रदेशों में केमिकल संबंधित जानकारी जुटा रही है। वहीं, सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है।

बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस कोतवाली में जहरीली शराब प्रकरण का खुलासा करते हुए प्रेस वार्ता में एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि पूर्व में जिस आरोपी अर्जुन निवासी गांव डाडली, थाना भगवानपुर को गिरफ्तार किया गया था, उसने आईपीए केमिकल रुड़की स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी से खरीदने की बात बताई थी। पुलिस ने इस मामले में छानबीन की तो पता चला कि एसी सेलूलॉज कंपनी के मालिक अमित गुप्ता पुत्र वीरमणि गुप्ता निवासी 63 सेकेंड फ्लोर शालीमार पार्क, भोलानाथ नगर, शहादरा (दिल्ली), मैनेजर सचिन गुप्ता पुत्र राजमणि गुप्ता निवासी रामनगर रुड़की, विपिन कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी मकतूलपुरी, रुड़की और मनोज कुमार पुत्र सुरेंद्र निवासी गांधी नगर, शेखपुरी, रुड़की ने अर्जुन को केमिकल उपलब्ध कराया था। एसपी देहात ने बताया कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने रामनगर स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी पर छापा मारा। जहां पर उन्होंने कंपनी मालिक अमित गुप्ता, मैनेजर सचिन, विपिन और मनोज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी अर्जुन ने पांच फरवरी को मनोज से संपर्क कर चार ड्रम केमिकल के मांगे थे। मनोज ने एसी सेलूलॉज कंपनी के मैनेजर सचिन गुप्ता से संपर्क किया। सचिन ने कंपनी मालिक अमित गुप्ता की सहमति से केमिकल के चार ड्रम अपनी फर्म की जीएसटी नंबर से विपिन कुमार की कंपनी श्री इंटरप्राइजेज के जीएसटी नंबर पर भेजे थे। इसके बाद विपिन ने मनोज के जीएसटी नंबर पर यह ड्रम भेजे थे। इसके बाद मनोज ने यह ड्रम अर्जुन को उपलब्ध कराए। अर्जुन ने ये ड्रम गाड़ी चालक इंद्रपाल के साथ मिलकर कंपनी से उठाए थे। इसके बाद सात फरवरी को अर्जुन ने दोबारा मनोज से संपर्क कर दो ड्रम खराब होने की बात बताते हुए कच्ची शराब का रंग दूधिया होने का जिक्र किया। मनोज ने ये बात सचिन को बताई। इसके बाद सचिन ने विपिन से बात कर उसके जीएसटी नंबर से ड्रम वापस लेकर बदले में नए ड्रम और अन्य दो केमिकल के ड्रम अर्जुन को दिए थे। एसपी देहात ने बताया कि कंपनी मालिक अमित गुप्ता यह केमिकल हिमाचल के बद्दी, दिल्ली व मुंबई से मंगवाता था। तीनों प्रदेशों में पुलिस टीम भेजकर जांच की जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि चारों आरोपियों को पता था कि अर्जुन कच्ची शराब बनाने का काम करता है। इसके बाद भी उन्होंने उसे ड्रम उपलब्ध कराए जो जहरीली शराब प्रकरण की संलिप्ता में आता है। चारों आरोपियों के खिलाफ भी हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

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