[saharanpur] - झमाझम बरसात और ओलावृष्टि से बढ़ी सर्दी

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सहारनपुर। मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को फिर बदल गया। कई दिन से तापमान में बढ़ोतरी हो रही थी, तो बृहस्पतिवार सुबह से आकाश में घटा छायी रही। दोपहर में झमाझम बरसात हुई और ओलावृष्टि भी हुई। इससे सर्दी बढ़ गई, तो बरसात के कारण शहर के कई इलाकों में हल्के जलभराव की वजह से कीचड़ और गंदगी हो गई। वहीं, यह बरसात फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है।

मुजफ्फराबाद स्थित मौसम वेधशाला के मुताबिक बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, चार मिलीमीटर बरसात होनी दर्ज की गई। शहर क्षेत्र में दोपहर में हुई ओलावृष्टि के दौरान स्कूलों में बच्चों ने खूब आनंद लिया। वहीं, शहर के ढोली खाल, लोहानी सराय, खलासी लाइन, खाताखेड़ी, मंडी समिति रोड, चिलकाना रोड सहित कई इलाकों में हल्का जलभराव भी हो गया, जिस कारण कीचड़ की वजह से गंदगी फैली रही। दोपहर बाद सर्दी बढ़ गई और शीतलहर ने परेशानी बढ़ा दी। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों का मनाना है कि यह बारिश सभी फसलों के लिए गुणकारी साबित होगी। इससे गेहूं और सरसों पर आ रहे माहू कीट का प्रकोप समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा दलहन में चना, मटर और मसूर की फसलों पर पानी की आवश्यकता पूरी हो गई है। क्योंकि इन फसलों को हल्के पानी की जरूरत होती है। हालांकि जिन खेतों में पहले सिंचाई की गई थी उन्हें उतना फायदा नहीं होगा। जबकि गन्ने की फसल, सब्जियों की फसलों और बागों में इस बारिश से काफी लाभ होगा। बागों में इस बरसात से पेड़ों की धुलाई हो गई है। उनमें बौर बनने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर आईके कुशवाहा ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई बरसात फसलों के लिए वरदान साबित होगी। कुछ स्थानों पर हुई हल्की ओलावृष्टि का सरसों की पछेती फसल को छोड़कर किसी भी अन्य फसल पर बुरा प्रभाव नहीं पडे़गा। जनपद में पछेती सरसों की फसल का रकबा काफी है।

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