[shajapur] - इस महिला की पहचान बताने के लिए कलेक्टर को करना पड़ा इस भाषा का प्रयोग

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शाजापुर. शाजापुर कलेक्टर श्रीकांत बनोठ की मदद से आंध्र प्रदेश की महिला इकरम मुन्नी की पहचान संभव हो सकी है। आंध्र प्रदेश की महिला हिंदी नहीं जानती थी, इसलिए उसकी पहचान होना संभव नहीं हो पा रही थी। बता दें शाजापुर कलेक्टर बनोठ तेलंगाना प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्हें तेलगू आती है, इसलिए उन्होंने महिला से इस भाषा में बात कर उसके परिवार आदि की जानकारी ली।

जिले के वनस्टॉप सेंटर में विगत दिनों एक महिला को भर्ती कराया गया था। महिला हिंदी नहीं जानती थी, इसलिए उससे बात करना और उसकी जानकारी प्राप्त करना मुश्किल हो रहा था। महिला ने जिला महिला सशक्तीकरण अधिकारी नीलम चौहान को एक कागज पर कुछ लिखकर दिया था, लेकिन तेलगू भाषा नहीं आने के कारण समझना मुश्किल था। महिला सशक्तीकरण अधिकारी चौहान ने कलेक्टर को उक्त कागज दिखाया। कलेक्टर बनोठ ने तत्काल लिखावट पहचानते हुए बताया कि यह तेलगू भाषा में लिखा हुआ है। चूंकि जान पहचान के किसी अधिकारी-कर्मचारी या व्यक्ति को तेलगू भाषा नहीं आती है, इसलिए चौहान ने कलेक्टर बनोठ से महिला से बात करने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने महिला से बात करते हुए उसके परिवार के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर की मदद से महिला की पहचान संभव हो सकी है। उक्त महिला का नाम इकरम मुन्नी पति सुभाष खां है। वह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के ग्राम पकाला मंडल की रहने वाली है। कलेक्टर ने उक्त महिला को उसके परिवार के पास सुरक्षित भेजने के लिए महिला सशक्तीकरण अधिकारी नीलम चौहान को निर्देशित किया और संबंधित महिला को भी यह आश्वस्त किया कि उसे गृह नगर तक पहुंचाया जाएगा। वनस्टॉप सेंटर प्रभारी महिला सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा चित्तूर जिले की पुलिस से संपर्क किया गया है। वे शीघ्र ही महिला के परिवार से संपर्क करेंगे। महिला ने बताया वह रेलवे स्टेशन पर चाय पीने उतरी थी।...

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