[umaria] - ग्रामीण अंचल के लिए जीवन रेखा है मनरेगा

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उमरिया. शिक्षा से ही मानव का संर्वागीण विकास संभव है। जिले के विद्यार्थियों को विद्यालयों तथा छात्रावासों में शिक्षा का उपयुक्त वातावरण मिले। वहां सभी आवश्यक सुविधाएं खान, पान, बिजली, पेयजल, शौचालय तथा साफ सफाई उपलब्ध रहे। कोई भी शाला भवन चाहे वह प्राथमिक, माध्यमिक , हाई स्कूल , हायर सेकेण्ड्री अथवा आंगनबाडी केंद्र हैं उनकी स्थिति अच्छी होनी चाहिए। जर्जर भवन है वहां नये भवन के प्रस्ताव तैयार किए जाये तथा जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां प्रस्ताव तैयार कर अपने विभाग के माध्यम से शासन को प्रेषित किए जाये। उक्त निर्देश जिले के प्रभारी मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने जियोस की बैठक में दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा है। इससे कई कार्य किए जा सकते है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत मंद लोगों को शासन की मंशा अनुसार 100 दिन का काम मिलें यह सुनिश्चित किया जाए, जिससे काम की तलाश में लोगों को पलायन नही करना पडे। किसान फसल ऋण माफी योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि फर्जी किसान ऋण प्रकरण में जिन लोगों द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है उनके विरूद्ध पुलिस मे प्राथमिकी के साथ ही अन्य सख्त कार्यवाहियां की जाए। प्रभारी मंत्री ने मजदूरी भुगतान के संबंध में सख्त निर्देश दिया है कि उन्हें समय पर पारदर्शिता के साथ मजदूरी का भुगतान करायेंं अधिकारी सतत रूप से मानीटंिरंग करते रहे। कहीं भी मजदूरी भुगतान के संबंध में अनियमितता की शिकायत मिले तो जांच करा कर कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिले में जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों की सूची तीन दिन के भीतर उपलब्ध करायें, और आगनबाडी केन्द्रों की मरम्मत से संबंधी कार्यो को प्राथमिकता से कराये। बैठक में जिपं अध्यक्ष ज्ञानवती सिंह ,कलेक्टर अमरपाल सिंह, पुलिस अधीक्षक डा असित यादव, समिति के सदस्य उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा है। इससे कई कार्य किए जा सकते है।

फोटो - http://v.duta.us/vKBj9QAA

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