[ajmer] - मासूमों को रोज बांधकर पीटती थी बुआ, रो पड़ेंगे जब पढ़ेंगे यह खबर

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अजमेर.

मां का साया उठने के बाद दो मासूमों को बुआ ने अपने घर में आश्रय तो दिया लेकिन इसके साथ मासूम बच्चों को यातनाएं भी मिली। बुआ की यातनाओं का आलम यह है कि बच्चों को रोजाना बांधकर पीटा जाता था। उनके शरीर के जख्म ढहाए गए सितम की कहानी बयान करते हैं। बाल कल्याण समिति के सहयोग से जिला पुलिस की मानव तस्करी शाखा और चाइल्ड लाइन 1098 ने मासूम बालक व बालिका को पाली बॉर्डर के सराधना गांव से मुक्त कराया है।

रहते थे बुआ के घर में

दोनों बच्चे बुआ के घर में रहते थे, जहां उन्हें रोजाना रस्सी से बांधकर पीटा जाता था। मुक्त करवाया गया चार वर्षीय बालक कुपोषण का शिकार है। उसके हाथ व सिर में जख्म थे। दोनों को पुलिस ने शोषण से मुक्त करवाने के बाद ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल में उपचार कराया। यहां उपचार के बाद बाल कल्याण समिति ने उन्हें शिशुगृह में आश्रय दिलाया, जहां दोनों बच्चे सुरक्षित जीवन व्यतीत कर सकेंगे। कार्रवाई में मानव तस्करी शाखा के प्रभारी अशोक विश्नोई, हैडकांस्टेबल संगीता, कांस्टेबल गोविन्द, पूजा, चाइल्ड लाइन के सिटी को-ऑर्डिनेटर कुशालसिंह, सब सेंटर कॉर्डिनेटर धर्मेन्द्रसिंह, हेम कंवर, फतेहसिंह, संस्था सदस्य संतोष कुमार शामिल थीं।...

फोटो - http://v.duta.us/JjQvFQAA

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