[indore] - ‘विदेशी मुद्रा का भंडार खत्म हुआ तो सरकार ने रख दिया था 48 टन सोना गिरवी’

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इंदौर. 1991 में भारत की आर्थिक हालत इतनी दयनीय हो गई कि उसके पास विदेशी मुद्रा का भंडार समाप्त हो गया। विदेशों से आयात करने के लिए जब उसके पास विदेशी मुद्रा नहीं थी, तो इस दौर में भारत सरकार को 48 टन सोना गिरवी रखना पड़ा, जिन्होंने सोना गिरवी के बदले हमें विदेशी मुद्रा दी। उनकी शर्त थी कि भारत नई आर्थिक नीति को अपनाए और वह उदारीकरण के रास्ते पर चले। भारत के सामने कोई दूसरा रास्ता नहीं था और हमें इस नई आर्थिक नीति को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह बात महाराष्ट्र के अर्थशास्त्री डॉ. विनायक महादेव गोविलकर हिंदी साहित्य समिति में गुरुवार को अर्थव्यवस्था, दशा और दिशा विषय पर आयोजित व्याख्यान में कही।...

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