[jaipur] - स्वाइन फ्लू के बाद रिकवरी में भी मददगार आयुर्वेद और होम्योपैथी

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काढ़े से मिलेगा लाभ

स्वाइन फ्लू से बचाव को लेकर गिलोय, तुलसी, लहसुन, हल्दी, सौंठ, लोंग, काली मिर्च, पिप्पली को बराबर मात्रा में दो कप पानी में उबाले। जब पानी आधा कप रह जाए तो काढ़ा पी लें। स्वाइन फ्लू है तो वासा, कंटकारी, पुष्करमूल,गाजवा,गिलोय, तुलसी, हल्दी, लोंग, सोठ, काली मिर्च, पिप्पली को बराबर मात्रा में मिलाकर दो कप पानी मेंं डालकर उबाले। जब पानी आधा कप रह जाए तो काढ़ा पीएं।

होम्योपैथी कारगर

ज्यादातर रोगियों में जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। उसी को ध्यान में रखकर होम्योपैथिक औषधि का चयन किया जाता है।। इसके बचाव में आर्सेनिक एल्बम 30 औषधि कारगर हैं। स्वाइन फ्लू ठीक होने के बाद शरीर में जकडन व अन्य परेशानियां है तो होम्योपैथिक में कई दवाएं हैं जो इस समस्या को ठीक कर सकती है। होम्योपैथी में रोगी के लक्षणों के आधार पर औषधि का चयन किया जाता है। बेलेडौना 30 भी कारगर दवा है।...

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