[narsinghpur] - बाल विवाह में शामिल होने वाले भी समझे जायेंगें अपराधी

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बाल विवाह में शामिल होने वाले भी समझे जायेंगें अपराधी

बाल विवाह के तहत जागरूकता कार्यशाला में दी जानकारी

नरसिंहपुर/करेली- शासन के लाड़ो अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन 6 फरवरी को बाल विकास परियोजना कार्यालय करेली के सभागार में किया गया। जिसमें परियोजना अधिकारी आदित्य मोहन पटैल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह रोकने के लिए चलाई रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु में लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह करना कानूनी अपराध है। ऐसे विवाह में शामिल होने वाले सभी व्यक्ति, वर वधु पक्ष, धर्मगुरु, समाज के मुखिया, सेवा प्रदाता जैसे प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई,कैटरर्स, बैंड वाला, घोड़ा वाला, ट्रांसपोर्टर्स, बारात घर वाले इस अधिनियम के नियम 11 के अनुसार अपराधी समझे जाएंगे। बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया कि कम उम्र में मां बनने से बालिका का शारीरिक विकास प्रभावित होता है। इससे कुपोषित बच्चा पैदा होने की संभावना रहती है, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, बढ़ती है यौन संक्रमण का खतरा बढ़ता है। शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर समाप्त हो जाते हैं। इस मौके पर चाइल्ड लाइन से मदन साहू और जिला सशक्तिकरण कार्यालय से अंकुर नेमा ने भी जानकारी दी।

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