[baran] - त्याग ही आत्मा का सच्चा शृंगार

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जैन एकता सम्मेलन

राष्ट्रीय संत कमल मुनि ने कहा, इच्छाओं पर करें नियन्त्रण

बारां. राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि योग आत्मा का सुरक्षा कवच एवं सच्चा शृंगार है। सच्चा सुख भी इसी में हैं। विश्व के सभी धर्मों में त्याग को अपनाने की प्रेरणा दी हैं। इच्छाओं पर नियंत्रण करना त्याग की प्रथम सीढ़ी है।

महावीर कॉलोनी स्थित जैन स्थानकवासी शांतिनाथ भवन में जैन एकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि त्याग में टकराव का कहीं स्थान नहीं है। अहंकार का त्याग ही सच्चा त्याग है। राग व द्वेष का त्याग पहले जरूरी है। बाहरी त्याग को लेकर किसी को ऊंचा, नीचा मानना घोर अज्ञानता है। त्याग के साथ सरलता, विनय व विवेक जरूरी है। मुनि कमलेश ने कहा कि त्याग के माध्यम से अहंकार का पोषण होता है। धर्म भी पाप के रूप में बदल जाएगा। साधना में समन्वय और त्याग के साथ प्रेम बना रहेगा तभी आत्म कल्याण में सहयोगी बनेगा।...

फोटो - http://v.duta.us/wolmMQAA

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