[jabalpur] - शहर में भरपूर दूध, लेकिन प्रोसेसिंग नहीं

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जबलपुर।

दूध उत्पादन में भारत में मध्यप्रदेश तीसरे पायदान पर आ गया है। शहर में दूध का उत्पादन तो हो रहा है लेकिन इस दूध की प्रोसेसिंग की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जबलपुर ही नहीं बल्कि भोपाल, उज्जैन जैसे शहरों से भी दूध को निर्यात करना पड़ रहा है। जबलपुर से 1.5 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग के अभाव में एक्सपोर्ट कर दिया जा रहा है। जबकि प्रदेश में उत्पादित हो रहे 13.45 मिलियन टन में से मात्र 10 से 11 फीसदी दूध की प्रोसेसिंग हो रही है। लेकिन अब डेयरी साइंस टैक्नोलॉजी कॉलेज शहर में खुलने से आने वाले समय में दूध की प्रोसेसिंग से लेकर फूड टैक्नोलॉजी के लिए एक नया रास्ता खुलेगा। इस दिशा में काम शुरू हो गया है। 123 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को लेकर वेटरनरी विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। दूध एक्सपोर्ट किए जाने क्वॉलिटी में फर्कबताया जाता है शासकीय और प्राइवेट डेयरियों को मिलाकर शहर में 3 लाख 56 हजार लीटर प्रतिदन दूध का उत्पादन होता है। इसमें से 1.5 लाख लीटर दूध बाहर निर्यात कर दिया जा रहा है। आधे से ज्यादा दूध को एक्सपोर्ट कर दिए जाने के कारण शहर में सप्लाई होने वाले दूध की क्वॉलिटी भी स्थायी नहीं रह पा रही है। फेट युक्त दूध जनता की पहुंच से दूर बना है।...

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