[ranchi] - चालीसा का पुण्यकाल- 35 : पाप के दंश से बचें

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‘रसेल वाइपर’ बेहद विषैला सांप है. भारत व एशिया देशों में इनकी काफी संख्या है. इसकी दो-तीन विशेषताएं इसे अन्य विषैले सांपों से कुछ अलग करती हैं. यह सांप खतरे का एहसास होने पर अपना विष थूकता है और इसका निशान इतना सटीक होता है कि इनसान की आंखें बिल्कुल बंद हो जाती हैं.

यह सांप फुफकार मारता है, जो इस बात का प्रतीक है कि वह खतरे से डरा हुआ है. अगर यह सांप डंस ले तो यह इनसान की रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र को तुरंत प्रभावित करता है. विष के प्रभाव से इनसान का तरल रक्त सख्त होने लगता है और तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे अपना काम काम बंद कर देती हैं....

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