[sukma] - छत्तीसगढ़ का एक ऐसा गाँव जहाँ 15 वर्षों से पिंजरे में कैद है लोकतंत्र

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सुकमा.सुकमा जिले में 4 हजार की आबादी वाला गाँव जगरगुंडा गाँव पिछले 15 साल से तार के बाड़ों में कैद है साथ में कैद है उस गाँव का लोकतंत्र ।यह गाँव तार के बाड़े से चारों तरफ से घिरा हुआ है और इस गाँव में आने और जाने के लिए दो गेट बनाये गए हैं जो सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सिर्फ 12 घंटे के लिए खुलता है।इस गांव की सुरक्षा में CRPF के साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस दिन रात लगी रहती है। कल यहाँ के ग्रामीण मतदान करेंगे।

क्या है इस गाँव की कहानी

लगभग 15 साल पहले जब सलवा जुडूम की शुरुआत हुई उसी समय जगरगुंडा को सबसे सुरक्षित मानकर यहां पर दूसरे असुरक्षित पांच-छह गांवाें के लोगों को बसाया गया। यहाँ लोगों के रहने के लिए झोपड़ी की व्यवस्था की गयी थी और आज भी यहाँ के ग्रामीण तमाम आवास योजनाओं के बाद भी झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं।यहां सप्ताह में सिर्फ एक बार रविवार को बाजार लगता है।आय के नाम पर इन लोगों के पास खेती-बाड़ी कर अपना जीवन यापन करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।इन ग्रामीणों को हर महीने सरकार राशन उपलब्ध करवाती है।...

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